हे भगवान,

हे भगवान,
इस अनंत अपार असीम आकाश में......!
मुझे मार्गदर्शन दो...
यह जानने का कि, कब थामे रहूँ......?
और कब छोड़ दूँ...,?
और मुझे सही निर्णय लेने की बुद्धि दो,
गरिमा के साथ ।"

आपके पठन-पाठन,परिचर्चा एवं प्रतिक्रिया हेतु मेरी डायरी के कुछ पन्ने

ब्लाग का मोबाइल प्रारूप :-http://www.vmanant.com/?m=1

मंगलवार, 3 अगस्त 2010

कुछ अनजाने चहरे,कुछ अनजाने लोग....


दोस्तों ,
        आजकल जिंदगी की व्यस्तता कुछ ऐसी है कि अपनो के लिए ही समय नहीं मिलता है । फिर इसी व्यस्तता के क्षणों में ना जाने कितने अनजाने लोग हमारी जिंदगी में आते है , उनमे से कुछ याद रह जाते है कुछ भूल जाते है , कुछ अनजाने ही बने रहना चाहते है तो कुछ को हम अपना नहीं बनाते है । इसी के सन्दर्भ में अपने मान के भावों को व्यक्त करने का मेरा प्रयास है - "कुछ अनजाने चहरे,कुछ अनजाने लोग" ।
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------                                                 
कुछ   जाने   पहचाने   चहरे  है  ,   कुछ  अनजाने  लोग  यहाँ ।
कुछ  को  जान  ना  पाया   मै ,   कुछ से  होनी पहचान  यहाँ ।
कुछ लोंगों को मै भूल गया,  कुछ लोंगो को है भुला दिया ।
कितने अगणित चेहरों को, मन-मस्तिष्क  से है मिटा दिया ।
कुछ होते है कागज के फूल ,   जो बस पहचान निभाते है ।
कुछ  होते है 'लटजीरे'   से ,   जो चिपक साथ में जाते है ।
कुछ अपनी पहचान बताते है,  कुछ अपना सर्वस छुपाते है ।
कुछ   दिल से गले लगाते है ,  कुछ  नाटक  करते  जाते है ।
ऐसे       जाने    कितने     ही  ,    प्रतिपल   मिलते   लोग   यहाँ   ।
चहरे    पर    भाव    छिपाकर   ,    अनजाने    बनते   लोग    यहाँ ।
किस किस से मै पहचान करू,  किस  किस की मै पहचान करू ।
कुछ नए अपरिचित लोग यहाँ, कुछ 'घाघ' अपरिचित लोग यहाँ ।

                               © सर्वाधिकार प्रयोक्तागण 2010 विवेक मिश्र "अनंत" 3TW9SM3NGHMG

आपके पठन-पाठन,परिचर्चा,प्रतिक्रिया हेतु,मेरी डायरी के पन्नो से,प्रस्तुत है- मेरा अनन्त आकाश

मेरे ब्लाग का मोबाइल प्रारूप :-http://vivekmishra001.blogspot.com/?m=1

आभार..

मैंने अपनी सोच आपके सामने रख दी.... आपने पढ भी ली,
आभार.. कृपया अपनी प्रतिक्रिया दें,
आप जब तक बतायेंगे नहीं..
मैं कैसे जानूंगा कि... आप क्या सोचते हैं ?
हमें आपकी टिप्पणी से लिखने का हौसला मिलता है।
पर
"तारीफ करें ना केवल, मेरी कमियों पर भी ध्यान दें ।

अगर कहीं कोई भूल दिखे ,संज्ञान में मेरी डाल दें । "

© सर्वाधिकार प्रयोक्तागण


क्रिएटिव कामन लाइसेंस
अनंत अपार असीम आकाश by विवेक मिश्र 'अनंत' is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 3.0 Unported License.
Based on a work at vivekmishra001.blogspot.com.
Permissions beyond the scope of this license may be available at http://vivekmishra001.blogspot.com.
Protected by Copyscape Duplicate Content Finder
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...