अनंत अपार असीम आकाश ミ★VivekMishra001★彡
"चल पड़े मेरे कदम, जिंदगी की राह में, दूर है मंजिल अभी, और फासले है नापने..। जिंदगी है बादलों सी, कब किस तरफ मुड जाय वो, बनकर घटा घनघोर सी,कब कहाँ बरस जाय वो । क्या पता उस राह में, हमराह होगा कौन मेरा । ये खुदा ही जानता, या जानता जो साथ होगा ।" ミ★विवेक मिश्र "अनंत"★彡
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शनिवार, 28 फ़रवरी 2015
गुरुवार, 11 दिसंबर 2014
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मंगलवार, 9 सितंबर 2014